चीन

मुख्य तथ्य

लोग
1.39 बिलियन लोगों की आबादी के साथ चीन दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश है। चीन में 56 जातीय समूह मौजूद हैं। चीन की राष्ट्रीय भाषा चाइनीज़ है, जो दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा भी है। चाइनीज़ मैंडरिन (सबसे लोकप्रिय) और कई अन्य बोलियों से मिलकर बनी है।

भूगोल
चीन, एशिया के पूर्व में प्रशांत महासागर के पश्चिमी तट पर स्थित है, यह लगभग 9.6 मिलियन वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला है। पश्चिम में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के साथ "दुनिया की छत" के रूप में प्रतिष्ठित तिब्बत पठार पाया जाता है। बेसिन और पठार युक्त मध्य भाग, पहाड़ों और वनों से आच्छादित है। चीन का पूर्वी भाग नदियों के मैदान से बना है। चीन में 23 प्रांत, पांच स्वायत्त क्षेत्र (इनर मंगोलिया, निंग्शीया, गुआंग्शी और तिब्बत), चार केंद्र शासित क्षेत्र (बीजिंग, शंघाई, चोंगकिंग और तियानजिन) और दो विशेष प्रशासनिक क्षेत्र (हांगकांग और मकाऊ) शामिल हैं।

इतिहास
चीन दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे प्रभावशाली सभ्यताओं में से एक है। पिछले 5,000 वर्षों में, इस देश ने एक आदिम समाज से समाजवादी शक्ति बनने तक का सफर तय किया है, इस दौरान यह विभिन्न धर्मों के जन्म और सभ्यताओं और साम्राज्यों के उत्थान और पतन का साक्षी बना है। वर्ष 1949 में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के साथ इसके इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ा।

अर्थव्यवस्था
चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी और 2018 में 6.6 प्रतिशत की जीडीपी विकास के साथ दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। कृषि, आधुनिक उद्योग, आईटी और अन्य सेवाएं चीन की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा बनाती है। इसके सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया हैं।

वातावरण
चीन की विविधतापूर्ण जलवायु और भूगोल के कारण यहां वनस्पतियों और जीव जंतुओं का एक विविध और व्यापक संसार पाया जाता है। चीन जाइंट पांडा, साइबेरियाई बाघ, यांग्त्सी नदी की डॉल्फ़िन, एशियाई हाथी, गोल्डन बंदर, काली गर्दन वाले क्रेन, क्रेस्टेड आइबिस और बहुत सी अन्य विरली प्रजातियों का घर है।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि 'किसी भी देश को पर्यावरण की रक्षा वैसे ही करनी चाहिए जैसे वह अपनी आंखों की करता है, और पर्यावरण को उतना महत्व देना चाहिए जितना वह किसी के जीवन को देता है। हम जिस आधुनिकीकरण का अनुसरण कर रहे हैं, वह मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व के साथ किया जाना चाहिए।'

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